फ्लाइट खर्च पर बड़ी राहत, एयरलाइंस हटाएंगी फ्यूल सरचार्ज, कम होंगे टिकट के दाम!

फ्लाइट खर्च पर बड़ी राहत, एयरलाइंस हटाएंगी फ्यूल सरचार्ज, कम होंगे टिकट के दाम!

Flight Ticket Price Drop 2026

Flight Ticket Price Drop 2026

हैदराबाद: Flight Ticket Price Drop 2026: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और विमान ईंधन की कीमतों में आई गिरावट के बीच हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आ रही है. भारतीय विमानन कंपनियांआने वाले महीनों में टिकटों पर लगने वाले फ्यूल सरचार्ज को पूरी तरह हटाने या कम करने पर गंभीरता से विचार कर रही हैं. एनडीटीवी प्रॉफिट की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइंस कंपनियां इस समय आंतरिक रूप से रणनीति बना रही हैं और चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अंत या तीसरी तिमाही की शुरुआत तक इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है.

क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?

इसी साल मार्च 2026 में रूस-यूक्रेन संकट और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं. विमान ईंधन (ATF) महंगा होने से एयरलाइंस कंपनियों का परिचालन खर्च काफी बढ़ गया था. इस वित्तीय बोझ से निपटने के लिए इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर जैसी बड़ी कंपनियों ने टिकट की बेस प्राइस में बदलाव किए बिना अलग से फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया था. यह सरचार्ज दूरी के हिसाब से ₹200 से लेकर ₹1,300 तक प्रति यात्री था.

अब वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद एयरलाइंस के अधिकारी यह आकलन कर रहे हैं कि क्या यह गिरावट लंबे समय तक बनी रहेगी. कंपनियां फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की नीति अपना रही हैं ताकि बाजार में स्थिरता आने पर अंतिम निर्णय लिया जा सके.

घरेलू रूटों पर पहले मिलेगा फायदा

रिपोर्ट के अनुसार, विमानन कंपनियां सबसे पहले घरेलू उड़ानों से फ्यूल सरचार्ज हटा सकती हैं. अंतरराष्ट्रीय रूटों पर परिचालन अर्थशास्त्र और ईंधन का खर्च अधिक जटिल होने के कारण वहां सरचार्ज हटाने में थोड़ा और समय लग सकता है. कंपनियों के बीच इस बात पर भी चर्चा चल रही है कि इस अतिरिक्त शुल्क को एक बार में ही पूरी तरह खत्म किया जाए या धीरे-धीरे कम किया जाए, जिससे यात्रियों को भी राहत मिले और कंपनियों का मुनाफा भी प्रभावित न हो.

यदि यह सरचार्ज हट जाता है, तो आगामी त्योहारों के सीजन से पहले भारतीय आसमान में उड़ान भरना काफी किफायती हो जाएगा, जिससे घरेलू पर्यटन और हवाई यातायात को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.